Blockchain तकनीक क्या है?

व्हाट इज ब्लाकचैन टेक्नोलॉजी के बारे में आपने कभी ना कभी तो सुना ही होगा बिटकॉइन का नाम आपने कभी देखा होगा या सुना होगा। यह एक क्रिप्टो करेंसी है बिटकॉइन क्रिप्टो करेंसी का लेन देन ब्लाकचैन टेक्नोलॉजी परी होता है यह एक प्रकार से डिजिटल रूप में पैसा होता है।

Blockchain

बिटकॉइन टेक्नोलॉजी के आने के बाद में पैसे के लेनदेन के लिए ब्लाकचैन टेक्नोलॉजी को बनाया गया था। यह टेक्नोलॉजी मुख्य रूप से सन 1993 में हमारे सामने आई थी। इस टेक्नोलॉजी को stuart haber ओर w.scott stornetta मिलकर डिजाइन किया था। इसके बाद जापान के एक व्यक्ति ने इस टेक्नोलॉजी में कुछ बदलाव किए और इसकी सुरक्षा को बढ़ा दिया गया।

इसके बाद पूरी तरीके से 2008 मे ब्लाकचैन टेक्नोलॉजी पूरी दुनिया के सामने आ गई। सन 2009 में satoshi nakamoto ने ब्लाकचैन टेक्नोलॉजी को आविष्कार के रूप में सभी के सामने प्रस्तुत किया। आज हम इस आर्टिकल के द्वारा आप सभी को what is black chain?  टेक्नोलॉजी क्या है, ब्लाकचैन टेक्नोलॉजी के फायदे, ब्लाकचैन टेक्नोलॉजी के नुकसान इन सभी के बारे में आर्टिकल के माध्यम से जानकारी दे रहे हैं..

क्या है blockchain?

 Blockchain ऐसी टेक्नोलॉजी होती है इसके अंदर सभी प्रकार की पैसे की ट्रांजैक्शन एंट्री को सेव करके रखा जाता है। अर्थात यह भी कह सकते हैं, यह एक ऑनलाइन डिजिटल वहीखाते के रूप में होता है। जब भी कोई व्यक्ति पैसे के लेनदेन ऑनलाइन करता है। उसकी पूरी जानकारी एक ब्लॉक के रूप में इस में सेव हो जाती है। इस ब्लॉग के अंदर आपके डाटा को क्रिप्टोकरेंसी टेक्नोलॉजी के माध्यम से Encode करके रखते हैं, इसको hash भी कहा जाता है।

जहां एक हाई सिक्योरिटी के रूप में होती है। इसमें आपका डाटा पूरी तरह से सुरक्षित होता है। इस तरह से बढ़ती हुई पैसे की ट्रांजैक्शन के साथ में आपके ब्लॉक भी बढ़ते चले जाते हैं। और सभी ब्लॉक एक दूसरे से जुड़े हुए रहते हैं। इस तरह से इन सभी ब्लॉक्स की जुड़ी हुई चैन को ही blockchain कहा जाता है।

ब्लॉकचेन में कोई centralized system नही होता है। इसके अंदर क्रेता और विक्रेता के बीच किसी तीसरे अर्थात बैंक के बिना पैसे के लेनदेन की जा सकती है। decentralized लेजर होने की वजह से transparency होती है। इसकी वजह से सभी नेटवर्क से जुड़े हुए कंप्यूटर पर इसके बहीखाते की कॉपी पहुंच जाती है। और अगर एक बार इस वही खाते में एंट्री हो गई तो इसके अंदर किसी भी तरह का छेड़छाड़ या बदलाव करना बहुत मुश्किल काम हो जाता है।

Meaning of blockchain in hindi

ब्लॉकचेन को मुख्य रूप से एक ब्लॉकचेन रिकॉर्ड की बढ़ती हुई लिस्ट ब्लॉक कहा जाता है। यह क्रिप्टोग्राफी का उपयोग करके जुड़ी हुई रहती है, इसके प्रत्येक ब्लॉक में पिछले ब्लॉक का क्रिप्टोग्राफिक हैश, टाइमस्टैंप और लेन-देन का डाटा ब्लॉकचेन में होता है।

कितना सिक्योर्ड है blockchain

ब्लॉकचेन एक प्रकार से डिजिटल टेक्नोलॉजी होती है। इस टेक्नोलॉजी में कोई भी ट्रांजैक्शन करने के लिए नेटवर्क के सभी नोट्स को एग्री करना पड़ता है उसके बाद जाकर ट्रांजैक्शन किया जाता है। यह काम सिंगल एंटिटी के लिए नहीं किया जाता है, अगर कोई करना भी चाहता है तो उसको एक सिस्टम कोई नहीं बल्कि पूरी नेटवर्क को हैक करना पड़ता है, इसलिए इसमें हैकिंग करना भी इतना आसान नहीं होता है।

काम कैसे करता है Blockchain

ब्लॉकचेन के अंदर कई ब्लॉक होते हैं इन ब्लॉक में डाटा अर्थात पिछले ब्लॉक का हेयर स्टाइल स्टैंप और लेन-देन का डाटा सभी स्टोर होते हैं इसके बाद यह सारे ब्लॉक nodes जो कि कंप्यूटर या फिर सर्विस में होते हैं वहां पर यह सभी स्टाफ हो जाते हैं ब्लॉकचेन में सभी लोग एक दूसरे से जुड़े हुए थे हैं यह लगातार नए डाटा ब्लॉक को एक दूसरे के साथ में इंपोर्ट एक्सपोर्ट करते रहते हैं ताकि सभी नोट्स नई टाटा के साथ में अप टू डेट रह सके।

अगर आजा शब्दों में कहे तो ब्लैक चैन एक ऐसा भाई खाते के रूप में काम करता है जो कि विपरीत मतलब डिस्ट्रीब्यूटर होता है इसके अंदर हर मोड़ के पास में नए टाटा की अपडेट कॉपी होती है जब भी कोई नई ट्रांजैक्शन इसके अंदर की जाती है तो नया ब्लॉक सभी नोट्स के पास में एक्सेप्ट किया जाता है जिससे कि सभी नोट्स के पास में ब्लॉकचेन की लेन-देन का हिसाब पूरी तरह से सेव होता है नया डाटा ब्लॉक को तब एक्सेप्ट किया जाता है जब ब्लॉकचेन के सारे नोट्स अर्थात पैर एक एग्रीमेंट को एग्री हो जाते हैं।

Blockchain के फायदे

ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी के आने से बहुत फायदे हुए हैं और आगे भविष्य में भी इसके बहुत से फायदे देखे जा सकते हैं इस अद्भुत टेक्नोलॉजी की सुरक्षा से पूरे पैकेट सिस्टम को बदलने की क्षमता भी हो गई है आइए जानते हैं ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी के फायदों के बारे में..

1. security – ब्लॉकचेन एक बहुत ही सुरक्षित टेक्नोलॉजी है इसमें गए आपके सभी डाटा को चुराना मुश्किल ही नहीं बल्कि बहुत नामुमकिन होता है, क्योंकि किसी भी तरह के ट्रांजैक्शन के लिए इसमें सभी नोट्स का सबसे पहले एग्रीमेंट होना जरूरी होता है। हर एक लेनदेन क्रिप्टो करेंसी टेक्नोलॉजी से एंक्रिप्ट होती है। इसके अलावा ब्लॉक के बीच में हैशइंग  तकनीक का भी प्रयोग करके उसको लिंक किया जाता है।

2. Transparency – ब्लॉकचेन में एक ट्रांजैक्शन वेरीफाई होने के बाद में दूसरा डाटा इन ब्लॉक में रिकॉर्ड किया जाता है उसके बाद डाटा को डिलीट करना या फिर हटाना बहुत मुश्किल होता है इसे टाटा की ट्रांसपेरेंसी अर्थात पारदर्शिता बनी रहती है इसके अलावा नेटवर्क में सभी नोट्स नए टाटा के लिए बिल्कुल तैयार रहते हैं।

3. Low cost – ब्लाकचैन टेक्नोलॉजी में किसी तीसरे व्यक्ति अर्थात थर्ड पार्टी की जरूरत नहीं होती है उदाहरण के लिए दो अलग-अलग बैंकों के बीच में आरबीआई।

इसमें ट्रस्ट स्थापित करने के लिए किसी भी तरह का कोई नियम कानून बनाने की भी जरूरत नहीं होती है

Blockchain के प्रकार

ब्लॉकचेन मुख्य रूप से तीन प्रकार की होती है आइए जानते हैं

1. पब्लिक ब्लॉकचेन – इसके नाम से ही पूरी तरह स्पष्ट हो रहा है कि पब्लिक ब्लॉकचेन अर्थात इसको कोई भी व्यक्ति उपयोग में ले सकता है। Bitcoin,Ethereal, Litecoin आदि पब्लिक ब्लॉकचेन के अंतर्गत ही आती है इसमें सभी जानकारी एक नेटवर्क में घटना होती है उसके बाद में एक जगह सेव ना होकर बहुत से कंप्यूटर में यह स्टोर हो जाती है जिनको आप nodes भी कह सकते हैं। अगर आपके पास में अच्छा इंटरनेट कनेक्शन हां तो आप भी पब्लिक ब्लॉकचेन का उपयोग कर सकते हैं आपके पास जो भी गतिविधि है अभी तक उस नेटवर्क में जो भी हुई है उसका रिकॉर्ड आपको कंप्यूटर के द्वारा मिल जाएगा, इसके साथ-साथ आप माइनिंग भी कर सकते हैं।

2. Private blockchain – प्राइवेट ब्लॉकचेन पब्लिक ब्लॉकचेन के बिल्कुल ऑपोजिट काम करती है यह क्लोज सिक्योर नेटवर्क है। जिसका उपयोग करने के लिए आपको परमिशन लेने की जरूरत पड़ती है, क्योंकि इसको एक सिंगल पार्टी कंट्रोल कर दी है, इसीलिए इसको प्राइवेट ब्लॉकचेन कहा जाता है। इस नेटवर्क के अंदर बहुत गिने-चुने लोग ही कार्य करते हैं या इसका इस्तेमाल करते हैं, हालांकि प्राइवेट ब्लॉकचेन का काम पब्लिक ब्लॉकचेन किस तरह ही एक दायरे के अंदर होता है, लेकिन फिर भी हर कोई इसका इस्तेमाल नहीं करता। इसको उपयोग में लेने वाली कंपनियां संस्था वोटिंग सप्लाई चैन प्रबंधन या फिर डिजिटल पहचान का इस्तेमाल करती है। इसके उदाहरण Hyperledger, multichain,ripple, प्राइवेट ब्लॉकचेन है।

3. Hybrid Blockchain – एक पब्लिक ब्लॉकचेन और प्राइवेट ब्लॉकचेन से मिलकर बना हुआ है इसके अलावा यह प्राइवेट परमिशन और पब्लिक परमिशन दोनों सिस्टम का इस्तेमाल करती है इसकी मदद से कोई भी संस्था या कंपनी यह तय करती है कि कौन सी जानकारी को पब्लिक रखनी है और कौन सी जानकारी हो आपको प्राइवेट रखनी है मुख्य रूप से hybrid ब्लॉकचेन के अंतर्गत जो भी रिकॉर्ड या लेनदेन होती है उसको पब्लिक नहीं किया जाता है लेकिन उसको वेरीफाई पब्लिक ब्लॉकचेन के अंतर्गत ही किया जाता है। इसके उदाहरण Dragonchain, Hybrid ब्लॉकचैन है।

Blockchain के नुकसान

ब्लॉकचेन के नुकसान निम्न है

1. Cost – ब्लॉकचेन तकनीकी का उपयोग करना बहुत महंगा पड़ता है अगर आप इसका इस्तेमाल करते हैं तो आपको इसके लिए नेटवर्क की फीस भी पे करनी होती है जो कि बहुत ज्यादा भरनी होती है। हालांकि ऐसे बहुत से ब्लैक चैन प्लेटफार्म है जिन्होंने इस अधिक पैसे कॉपी करने का हल ढूंढ लिया है लेकिन बहुत सी बड़ी क्रिप्टोकरंसी जैसे बिटकॉइन एथेरियम आदि में यह समस्या भी भी बनी हुई है।

2. Scalibility – भविष्य में जैसे-जैसे ब्लॉकचेन का उपयोग जितने ज्यादा लोग करते रहेंगे उसी समस्या भी उतनी ही बढ़ेगी क्योंकि यह उतनी तेजी से ले लेना बाकी गतिविधियों को नहीं कर पाएगा इसी परेशानी का सामना एथेरियम पी कर रहा है इसका समाधान करने के लिए एथेरेम अब ethereum2.0 में खुद को अपग्रेड कर रहा है। इसके को फाउंडर वितालिक बुटेरिन का कहना है कि इससे एथेरियम की स्पीड थोड़ी ज्यादा बढ़ जाएगी

3. High power – आज भी ब्लॉक चैन के ऐसे प्लेटफार्म है जहां ज्यादा बिजली का उपयोग किया जाता है। इसका सबसे बड़ा उदाहरण दुनिया की सबसे बड़ी जाने वाले क्रिप्टोकरंसी बिटकॉइन है। जो कि पावर ऑफ पर्व पर ही काम करती है 1 साल में जितना उपयोग यूएई और नीदरलैंड जैसे देश बिजली का उपयोग नहीं करते होंगे जितना कि बिटकॉइन पूरे 1 साल में बिजली का उपयोग करती है यह बहुत बड़ा चिंता का विषय बना हुआ है।

4. Immutable – अगर आपके ब्लॉकचेन में मौजूद डाटा एक बार चला जाए तो उसको वापस से नहीं बदल सकते हैं मान लीजिए अगर आपके पास में 10 बिटकॉइन है उसमें से 5 बिटकॉइन को आपको भेजना है जिसकी कीमत करोड़ों रुपए है लेकिन आप किसी गलत एड्रेस पर उसको भेज देते हैं आपकी एक गलती की वजह से आपने 10 बिटकॉइन भेज दिए। इससे यह ट्रांजैक्शन होने के बाद में वापस नहीं हो सकती है। साफ शब्दों में अगर कहा जाए तो आप सारे बिटकॉइन को खो चुके हैं। एक बार बिटकॉइन जाने के बाद में वापस उनको रिकॉर्ड में नहीं रख सकते हैं। इसकी शिकायत भी आप किसी से नहीं कर सकते हैं, क्योंकि यह डिसेंट्रलिजेड सिस्टम होता है। इसको कोई कंट्रोल नहीं करता है। यहां पर कोई भी आप इसका एक सुनने वाला नहीं होता है, इसलिए इसमें आपका बहुत बड़ा नुकसान होता है।

Blockchain टेक्निक की विशेषताएं

ब्लॉकचेन टेक्निक की विशेषताएं निम्न है

बहुत ही इंटरनेट के ज्ञाता यह मानते हैं कि ब्लॉकचेन के द्वारा इंडस्ट्रियल क्षेत्रों में काम करने की प्रतिक्रिया में बहुत बदलाव किए जा सकते हैं।

ब्लॉकचेन की सहायता से इंडस्ट्रियल कार्यप्रणाली को सुरक्षित और पारदर्शी भी बनाया जा सकता है।

 इसके अलावा इसके वर्चुअल ट्रांजैक्शन को कोई भी व्यक्ति आसानी से अपने कंप्यूटर सिस्टम पर ऑपरेट कर सकता है। सभी ब्लॉक एंक्रिप्शन के द्वारा से होते हैं क्योंकि एक ब्लॉक दूसरे ब्लॉक से इलेक्ट्रॉनिक के माध्यम से कनेक्ट होते हैं इसीलिए ब्लॉक चैन टेक्नोलॉजी को सेव कर सुरक्षित माना गया है।

 साइबर क्राइम को रोकने के लिए भी इस तकनीकी का सहारा ले सकते हैं।

 इसमें लेनदेन को लेकर एक स्पष्ट बहीखाता तैयार किया गया है।

 बिटकॉइन का उपयोग कोई भी व्यक्ति किसी भी सरकारी रूकावट के बिना कर सकता है, क्योंकि यह करंसी सरकार के अधीन में नहीं है।

ब्लॉकचेन को भविष्य में उपयोग में लेने वाले क्षेत्र

ब्लॉकचेन का उपयोग क्रिप्टो करेंसी में तो किया ही जाता है लेकिन इसके अलावा भी बहुत से ऐसे क्षेत्र हैं जिनमें ब्लॉकचेन का उपयोग कर सकते हैं..

  • ब्लॉकचेन का उपयोग इनफॉरमेशन टेक्नोलॉजी डाटा मैनेजमेंट में भी कर सकते हैं जो की पूरी तरह सेफ़ होगा।
  • ब्लाकचैन टेक्नोलॉजी के अंदर आप अपने जरूरी किसी भी डॉक्यूमेंट को सेव कर सकते हैं।
  • इंटरनेट बैंकिंग और बीमा के क्षेत्र में भी ब्लॉकचेन टेक्निक को उपयोग में लिया जा सकता है।
  • ब्लॉकचेन टेक्निक के अंतर्गत साइबर क्राइम को रोकने के लिए भी काम में ले सकते हैं।
  • ब्लॉकचेन टेक्निक के द्वारा क्लाउड स्टोरेज भी कर सकते हैं इसके अलावा e-governance को भी सुरक्षित रखा जा सकता है।
  • आप अपने स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट में भी इसमें शामिल हो सकते हैं जो कि बहुत ही सेव कार्यप्रणाली होगी।
  • ब्लाकचैन टेक्नोलॉजी के द्वारा पहुंची सरकार तो e-voting भी करवाती है क्योंकि यह एक सुरक्षित अपारदर्शी तरीका हो सकता है।

Conclusion

आज हमने इस आर्टिकल के द्वारा आप सभी को व्हाट इस ब्लॉकचेन टेक्निक के बारे में जानकारी दी है आशा करते हैं आपको हमारे द्वारा दी गई सभी जानकारी समझ आई होगी इससे जुड़े अन्य जानकारी दीजिए या अन्य किसी भी प्रकार की सहायता के लिए आप पर कमेंट सेक्शन से भी जुड़ सकते हैं।

FAQ

ब्लाकचैन टेक्नोलॉजी क्या है?

ऑनलाइन डिजिटल बहीखाता

ब्लॉकचेन पर आधारित क्रिप्टोकरंसी कौन-कौन सी है?

bitcoin, ethereum, litecoin, Cardano इत्यादि

ब्लॉकचेन का आविष्कार किसने किया?

सातोशी नाकामोशो ने 2008 में

ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी कितने प्रकार की होती है?

3 प्रकार का

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